तो यह मेरी पहली पोस्ट यहाँ है। मैंने हाल ही में ब्लॉगिंग के बारे में सीखा, हाँ मुझे इस बारे में सामान्य जानकारी है कि वास्तव में ब्लॉगिंग क्या है लेकिन यह कभी नहीं जानता कि मैं वास्तव में इसमें मूल्य कैसे जोड़ सकता हूँ। कल ही शाम की बात है कि मैं अपने कमरे में अकेला बैठा था और सोच रहा था कि मैं अपने ब्लॉग में क्या लिखूं। तो मैंने अपने पिता से पूछा कि "पिताजी मुझे एक ब्लॉग बनाना है, मुझे एक विषय बताओ?" वह जवाब देते है कि "आप लोगों को सलाह क्यों नहीं देते कि वे अपने करों को कैसे बचा सकते हैं।" जैसा कि मैं वर्तमान में B.com Hons. पढ़ रहा हूं। दिल्ली विश्वविद्यालय से यह काफी विषय था जो मेरी पकड़ में है। लेकिन मुझे लगता है कि किसी को अपने वित्त के बारे में सलाह देने के लिए व्यावहारिक ज्ञान और कौशल की अधिक आवश्यकता होती है और चूंकि मैं केवल B.com का छात्र हूं, इसमें कोई मूल्य नहीं जोड़ा जा सकता है।
इसलिए आज मैं यहां अपने बारे में लिख रहा हूं क्योंकि मुझे लगता है कि मेरे बारे में इतना कुछ नहीं है जिसकी मैं आमतौर पर प्रशंसा करता हूं। मेरे पास ज्यादा सामाजिक जीवन नहीं है, पहाड़ों पर जाने का जुनून नहीं है, मुझे घर पर बैठकर स्पोर्ट्स देखना पसंद है मगर, बहार जाकर खेलना पसंद नहीं है, में किताबो का दीवाना भी नहीं हु, मूवीज और सीरीज में भी कुछ खास दिलचस्पी नहीं है। नहीं है तो नहीं है अब उसमे मेरा क्या कसूर। आप सबको यह सब पढ़कर अजीब लग रहा होगा की यह वास्तव म ऐसा कैसे हो सकता है। लेकिन मुझे में काफी पसंद करता हू। अब आप को यह सब पढ़कर अजीब लगे उसमे मेरा क्या कसूर।
मेरा बचपन अच्छा बिता मेरे पिता LIC Agent है और मुझे किसी चीज़ की कमी महसूस नहीं होने दी। माँ मेरी Housewife है और जब मेरा जनम नहीं हुआ था तो Primary Teacher थी। मेरी जिम्मेदारियों ने उनको नौकरी छोड़ने को मजबूर कर दिया। लेकिन उन्होंने वापस नौकरी जाने का पर्यटन क्या और वह उसमे कामयाब भी हुई मगर कुछ दिनों बाद खुद ही नौकरी छोड़ भी दी। कहा अब पहले जैसी नहीं रही अब मुझे बच्चो को पढ़ाने की आदत छूट गयी है। मेरी एक छोटी बहन भी है मुझसे ज्यादा छोटी ना होने के कारण हम दोनों के बिच काफी बहस भी होती है। मगर वास्तव में हम दोनों के बिच की टोनिंग भी काफी अच्छी है।
मेरे दोस्त मुझे कभी खभी कहते है की तुझे Multiple Personality Disorder है। यहे इसीलिए क्युकी उन्हें लगता है की में अपने परिवार के सामने भोला और कुछ दोस्तों के सामने सरसती और बाकि दुनिया के लिए शर्मीला और भोंदू हूँ। अब उन्हें ऐसा लगता तोह हैं इसमें उन बिचारो का क्या कसूर।
में हमेसा से ही पड़ने में एवरेज रहा हूँ। रहा हु तोह रहा हु उसमे मेरा क्या कसूर। मुझे गाने सुनना काफी ज्यादा पसंद है। जी तोह सायद से यह पहेली चीज होगी जो मुझे पसंद है और मैंने उसको यहाँ लिखा।
अब आपको यह आर्टिकल कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताइयेगा।



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